शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

बिजली विभाग है या दहशत का कारखाना

रायगढ़ में विद्युत् विभाग ने जो अब एक कंपनी बन गयी है अपने लाइन लोस को नहीं रोक पाने और हुकिंग कर तीन वक़्त का खाना हीटर प़र बनाने वाले और एकल बत्ती कनेक्शन ले कर घर में कुटीर उद्योग चलाने वाले तथाकथित गरीबों को पकड़ने में नाकामी की मजबूरी का ठीकरा संपन्न लोगों के घर छापेमारी कर उनके सही सही मीटरों को जबरदस्ती डिफेक्टिव बताकर उनसे वर्षों की एवरेज बिलिंग कर लाखों वसूले जा रहे है नहीं पटाने प़र पुलिस  में ऍफ़ आई आर की जा रही है और इसी आड़ में अधिकारी करोडपति बन रहे हैं उनका कहना है की चन्द पूंजी पति यदि सरकार को वोट नहीं भी देंगे तो क्या हुआ वे तथाकथित गर्रीब तो देंगे ही , पूरा शहर चोर घोषित हो चूका है जो बचे हैं वे आने वाले दिनों में चोर घोषित हो जायेंगे रमन सरकार शायद किसी एक शहर में बिजली चोर घोषित करने का वर्ल्ड रिकार्ड बनाना चाहती है .वही पुरी पुलिस फाॅर्स नक्सली गतिविधियों को छोड़ इसी काम में जुटी हुई है ऍफ़ आई आर करो . उस प़र भी दहशत इसी की लोग आयकर वाणिज्यिक कर और आबकारी विभाग से अब नहीं डरते डरते है तो इस विद्युत् कम्पनी से जो बिना वारंट कभी भी आपके बेडरूम तक घुस सकती है ये लोग एक जीप में भरकर पहुँचते हैं औइर धड धडातेहुए घर में ऐसे घुसते है मानो मिलेट्री ने किसी आतंक वादी के घर धावा बोला है क्या यह सही है कृपया आपनी राय देवे और जिनकी जहाँ पहुँच हो वहाँ तक ये बात पंहुचाये सत्ता के गलियारों तक ये बात पहुंचनी चाहिए की विद्युत् कम्पनी सेवा  पहुँचाने वाली कंपनी है या फिर आतंक फ़ैलाने वाली  "वी " कम्पनी 


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