रविवार, 8 दिसंबर 2019

डेंगू का लार्वा मिलने पर नागरिकों के ऊपर जुर्माना हास्याष्पद




                         डेंगू का लार्वा मिलने पर नागरिकों के ऊपर जुर्माना हास्याष्पद 






आपके शहर में सड़कों पर गड्ढे हैं और आप उन गड्ढों में दुर्घटना वश गिर जाएं और आप पर जुर्माना कर दिया जावे  कि आप देख कर नहीं चले और आप ने चोट खाई  जिससे प्रशासन की कमजोरी उजागर हो गयी इस वजह से आप पर जुर्माना किया जाता है। या फिर आप किसी अंधेरी सड़क से जा रहे हैं और आप किसी लूट की वारदात के शिकार हो जाते हैं और विद्युत विभाग वह पुलिस विभाग आप पर इस बात के लिए जुर्माना कर दे कि आपको जरूरत क्या थी अंधेरी सड़क से जाने की आपने हमें परेशान किया इसके लिए आप पर जुर्माना लगाया जाता है।  पहले उदाहरण में आप चोट खाकर गिरे हैं और अस्पताल में इलाज करा रहे हैं हजारों रुपए इलाज पर लग चुके हैं अब जुर्माने की राशि पटानी है , दूसरे उदाहरण में लुटेरों ने आपका पूरा माल असबाब छीन लिया है और आपको चोट भी पहुंचाई है आप अपने जीवन भर की पूंजी लूट जाने के बाद भी अब जुर्माना भर रहे हैं। क्या यह दोनों उदाहरण आपके गले से नीचे उतरते हैं शायद नहीं। 

आपको लगेगा कि मैं किसी सभ्य और संविधान को मानने वाले समाज में रह रहा हूं या अंधेर नगरी में रह रहा हूं। परंतु यह सच करके दिखाया है रायगढ़ छत्तीसगढ़ के नगर निगम ने उन्होंने डेंगू से परेशान जनता को चुप कराने के उद्देश्य से उनके घरों से और आसपास से लार्वा मिलने पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है ताकि कोई यह ना कह सके कि मैं निगम के कारगुजारी , निगम की हठधर्मिता से या निगम के अव्यवहारिक क्रियाकलापों और निकम्मेपन के कारण बीमार हुआ।

निगम के अनुसार रायगढ़ की जनता ने इस बार अपने अपने घरों में डेंगू के मच्छरों का पालन केंद्र खोला हुआ है और यह लोग बीमार नहीं होते यह बीमारी का नाटक करते हैं और अस्पतालों में जाकर भर्ती होते हैं जबरदस्ती स्वयं को खून चढ़ाते हैं डॉक्टरों को फालतू में पैसे देते हैं और अपने घरवालों को परेशान करके अपना मनोरंजन करते हैं और बेचारे सीधे साधे भोले भाले प्रशासनिक अधिकारियों स्वास्थ्य अधिकारियों और मेहनत कश निगम के अधिकारियों को परेशान करने का काम करते हैं ऐसे लोगों पर न केवल जुर्माना लगाना चाहिए बल्कि उन्हें जेल भी भेज देना चाहिए। ऐसा लगता है कि हम अंग्रेजों के जमाने में पहुंच गए हैं और अब यदि आप शासन को या शासन के किसी भी नुमाइंदे के खिलाफ कोई भी आवाज उठाते हैं  तो आपको न केवल जुर्माना देना पड़ेगा बल्कि हो सकता है आपको जेल भी भेज दिया जाए। 

 ऐसा लगता है कि रायगढ़ नगर निगम में कोई लाल बुझक्कड़ आ गया है जो आने वाले दिनों में रायगढ़ वासियों पर कई जुल्मों सितम फिर से ढाने के लिए आमदा है और बेचैन हो रहा है।  लाल बुझक्कड़ कुछ भी कर सकता है उसने पहले भी यह साबित किया है। लेकिन अब ऐसे में आम जनता को जागरूक तो होना ही होगा और न केवल निगम बल्कि शासन प्रशासन में भी इस प्रकार के लाल बुझकड़ों की टीम के खिलाफ आवाज उठानी होगी सारे उल्टे सीधे गैरकानूनी काम करने वाले तथाकथित यह लोक सेवक जब भी अनपढ़ और असहाय मानते हुए जनता पर कोई क्रूर कार्यवाही करें तो उसके खिलाफ आवाज बुलंद करना होगा।  

रायगढ़ में कई आरटीआई एक्टिविस्ट है जो इन लाल बुझक्कड़ के खिलाफ उनकी निजी जानकारियां एकत्रित कर सकते हैं। और यदि इन लाल बुझक्कड़ों  की निजी जानकारियां एक जगह एकत्रित हो जाएं तो इन लोक सेवकों को यह संदेश पहुंच जाएगा कि अब हमारा तोता पिंजरे में नहीं बल्कि जनता के हाथ में आ चुका है और हमने अगर एक भी गलत काम किया तो जनता तोते की मुंडी मरोड़ देगी यदि हम इस तरीके से सामने नहीं आएंगे तो हमें अंग्रेजी हुकूमत की तरह फिर से गुलाम बनकर रहना पड़ेगा।

अभी ठण्ड बढ़ने से डेंगू मरीजों में कमी आयी है। पर फिर भी इसे नजर अंदाज़ न करें। 

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